RPWD Act, 2016 में विकलांगता को एक विकसित और गतिशील अवधारणा के रूप में परिभाषित किया गया है। इस अधिनियम में विकलांगता के 7 मौजूदा प्रकारों की जगह 21 मौजूदा प्रकार जोड़ दिए गए हैं, जो निम्न प्रकार से हैं:-
- अंधापन
- कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति
- कम दृष्टि
- लोकोमोटर विकलांगता
- बौद्धिक विकलांगता
- मस्कुलर विकलांगता
- बेसिक सीखने की क्षमता
- भाषण और भाषा विकलांगता
- हीमोफीलिया
- बहरापन
- ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार
- सुनवाई हानि
- बौनापन
- मानसिक बीमारी
- मस्तिष्क पक्षाघात
- जीर्ण तंत्रिका संबंधी बीमारी
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस
- थैलेसीमिया
- सिकलसेल रोग
- एसिड अटैक लोग
- पार्किंसंस रोग
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RPWD Act, 2016 से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें:
- पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में पहली बार भाषण और भाषा विकलांगता को जोड़ा गया है, इसमें एसिड अटैक को भी शामिल किया गया है। तथा बीमारी थैलेसीमिया हीमोफीलिया सिकलसेल रोग भी पहली बार शामिल किए गए हैं।
- पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में सरकार के पास यह अधिकार है, कि वह अन्य किसी विकलांगता को इस सूची में शामिल कर सकेंगे।
- उपर्युक्त सरकारों पर जिम्मेदारी भी डाली गई है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विकलांग व्यक्ति दूसरों के साथ समान रूप से अधिकारों का आनंद ले सकें।
- इस एक्ट के तहत उच्च शिक्षा सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलेगा भूमि के आवंटन में भी आरक्षण होगा गरीबी उन्मूलन योजना का लाभ होगा।
- पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अंतर्गत 6 से 18 वर्ष की आयु के बीच बेंचमार्क विकलांगता वाले प्रत्येक बच्चों को मुफ्त शिक्षा अधिकार दिया जाएगा।
- प्रधानमंत्री सुलभ भारत अभियान को मजबूत करने के लिए निर्धारित समय सीमा में सरकारी भवनों में पहुंचे सुलभ की जाएगी।
- बेंचमार्क विकलांगता वाले जो भी व्यक्ति होंगे उनके लिए सरकारी संस्थानों में रिक्तियों का आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% किया जाएगा।
- पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में जिला न्यायालय द्वारा संरक्षकता प्रदान करने के प्रावधान है।
- विकलांग व्यक्तियों के लिए मुख्य आयुक्त के कार्यालय को मजबूत भी किया जाएगा जिन्हें अब दो आयुक्तों और एक सलाहकार समिति द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
- पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में विकलांग राज्य आयुक्तों के कार्यालयों को मजबूती प्रदान की जाएगी, जिन्हें एक सलाहकार समिति द्वारा सहायता भी प्रदान की जाएगी।
- पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अंतर्गत विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के लिए मुख्य आयुक्त और राज आयुक्त शिकायत निवारण एजेंसियों के रूप में कार्य करेंगे तथा अधिनियम के कार्यान्वयन की निगरानी भी करेंगे।
- पीडब्ल्यूडी अधिनियम चिंताओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा और संविधान और ऐसी समितियों के कार्यों का विवरण नियम में राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
- पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में विकलांग व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय और राज्य कोष का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रस्ट फंड को राष्ट्रीय कोष के साथ सदस्यता भी दी जाएगी।
- इस विधेयक में विकलांग व्यक्तियों के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए दंड का प्रावधान होगा और कानून का उल्लंघन करने पर मजबूती से दंड का प्रावधान दिया जाएगा।
- पीडब्ल्यूडी डी एक्ट 2016 अधिनियम का उल्लंघन करने से संबंधित मामलों के लिए सभी जिले में विशेष न्यायालयों को नामित किया जाएगा।


